नर्मदापुरम समाचार: किसानों के 430 करोड़ रुपए मूंग में अटके, नर्मदापुरम में आया बड़ा खुलासा!

नर्मदापुरम :  नर्मदापुरम जिले में किसानों के समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी के मामले में बहुत सी अड़चनें आ रही हैं। सरकार समर्थन मूल्य खरीदी में दावा करती है, लेकिन असल में इसका पूरा अंदाज़ा आने में कई महीने भी लग सकते हैं। इस दौरान, किसानों के खातों में उनकी मूंग की कमाई का पैसा आने में काफी वक्त लगता है।

नर्मदापुरम क्षेत्र में भी किसानों को अब तक करीब 430 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है, जिसके बाद वे अपने पूरे मुंग की खरीदी की मान्यता प्राप्त कर सकेंगे। इस दिक्कत के कारण किसान अक्सर बैंक में जाकर अपने खाते की स्थिति की जांच करते रहते हैं, लेकिन यहाँ तक पहुँचने में कई दिनों और महीनों का वक्त लग जाता है।

इसके अलावा, कई किसान यहाँ तक पहुँचे और देखें हैं कि उनके खाते में पैसा नहीं आया है, तो वे बैंक के चक्कर लगाते रहते हैं और यह समस्या उनके लिए और भी बड़ी होती है।

किसानों के खाते में पैसा आने में देरी के कारण, उनकी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और वे अब आंदोलन करने की बात कर रहे हैं। 24 अगस्त को उन्होंने बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की है और इसके लिए तैयारियां भी जारी हैं। संगठन के पदाधिकारी गांवों में जाकर किसानों को आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

नर्मदापुरम जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी की गई थी, लेकिन किसानों को उनके पूरे भुगतान का अभी तक कोई आदान-प्रदान नहीं हुआ है। किसानों के पास खरीफी मूंग की कई जरूरियों का पैसा नहीं होने के कारण, वे बैंक से कर्ज लेने में मजबूर हो रहे हैं। इस तरह के समस्याओं के सामना करने के बाद, किसान आंदोलन की दिशा में विचार कर रहे हैं।

सरकार ने अभी तक किसानों के खाते में उनके मूंग की खरीदी का पूरा भुगतान नहीं किया है, जिससे किसानों की परेशानियाँ बढ़ रही हैं। इस बात की जांच करने के लिए संबंधित अधिकारी अभी तक कोई स्थापित जवाब नहीं दे पाए हैं।

नर्मदापुरम के कृषि विभाग के उप संचालक जेआर हेडाऊ ने बताया कि उनके प्रदेश में जिन किसानों ने मूंग की खरीदी की है, उनका कुछ भुगतान हो चुका है और शेष भुगतान भी जल्द ही हो जाएगा।

इस विषय में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, किसान संगठन के प्रतिनिधि ने बताया कि उन्होंने संगठन के जिला अध्यक्ष के साथ मिलकर कई बार सरकारी अधिकारियों से मिलकर इस मुद्दे की चर्चा की है, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्थापित जवाब नहीं मिला है।

इस तरह की समस्याओं का समाधान पाने के लिए, किसान संगठन ने 24 अगस्त को आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इसके तहत, वे अपने मांगों को लेकर जिले के प्रमुख कार्यालय के पास धरना देंगे।

इस मुद्दे के समाधान के लिए सरकार से उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को उनकी कड़ी मेहनत की मान्यता पूरी हो सके और वे अपने पूरे मूंग की खरीदी के भुगतान के साथ आगे बढ़ सकें।

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