“ध्यान दें! अगला सूर्य ग्रहण आने वाला है, कब होगा और कैसे तैयारी करें? ये रहा सटीक तारीख और समय!”

Surya Grahan and Chandra Grahan: 2023इस वर्ष 2023 में ग्रहण की बात करें तो कुल मिलाकर 4 ग्रहण लगने वाले हैं इसमें से दो ग्रहण लग चुके हैं साल का अगला और दूसरा सूर्य ग्रहण लगने में कुछ ही दिन बाकी हैं तो आपको इस तारीख को ध्यान से याद रखना होगा

2023 me kitne Grahan hai:  पृथ्वी पर सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण एक महत्वपूर्ण ही खगोलीय घटना है इसे हिंदू धर्म में  इसे अशुभ माना गया है और धर्म में विशेष माना गया है कहा जाता है कि चंद्र ग्रहण के समय और सूर्य ग्रहण के समय नकारात्मक मुरझाए काफी बढ़ जाती है.

इस कारण ही इस समय में कोई भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि ग्रहण लगने के कई घंटों पहले ही तत्काल लग जाता है और इस समय में सभी का वर्जित हो जाते हैं.

इस साल का अगला सूर्य ग्रहण अक्टूबर में लगने वाला है जिस पर आपको विशेष ध्यान देना होगा और इसकी तारीख की याद रखनी होगी तो चलिए बताते हैं किस तारीख को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 को लगने वाला है इसके पहले जो सूर्य ग्रहण लग चुका है वह 20 अप्रैल को लगा था इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण शारदीय नवरात्रि  से 1 दिन पहले अश्विन महीने की अमावस्या के दिन लगेगा.

यह ग्रहण 14 अक्टूबर शनिवार की रात 8:34 बजे से लेकर मध्य रात्रि 2:25 पर समाप्त होगा यह ग्रहण  कंकणाकृती सूर्य ग्रहण होगा यह भारत में तो दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक काल माने नहीं होगा इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका दक्षिण अमेरिका पश्चिम अफ्रीका अटलांटिक और आर्कटिक में दिखाई देगा

साल 2023 का दूसरा चंद्र ग्रहण 

जिस तरह से साल का एक सूर्य ग्रहण लगना बाकी है उसी तरह एक चंद्र ग्रहण लगना भी बाकी है इससे पहले वाला चंद्रग्रहण 5 मई 2023 को लगा था जो कि भारत में नजर नहीं आया था 

इस साल लगने वाले चंद्र ग्रहण ओं में से तीन ग्रहण भारत में नहीं दिखेंगे और साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण इस मामले में काफी विशेष रहेगा जो कि 29 अक्टूबर 2023 को लगने वाला है और यह भारत में दिखेगा.

इस बार यह चंद्रग्रहण 29 अक्टूबर 2023 की दोपहर 1:06 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:22 तक समाप्त हो जाएगा यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा और उसका सूतक काल भी मान्य रहेगा.

इसके साथ ही यह चंद्रग्रहण एशिया यूरोप ऑस्ट्रेलिया अफ्रीका नॉर्थ अमेरिका उत्तर व पूर्व दक्षिण अमेरिका हिंद महासागर अंटार्कटिका महासागर अटलांटिक महासागर मैं भी दिखेगा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी प्रकार के ग्रहण में भोजन नहीं करना चाहिए ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के समय भगवान कष्ट में रहते हैं इसीलिए उनके भक्तों को ज्यादा से ज्यादा उनके नाम का जप करना चाहिए.

जिससे कि भगवान जल्द से जल्द इस कष्ट से उबर सकें कई मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं ग्रहण के समय इस दिन किसी भी मंदिर में पूजन पाठ नहीं की जाती है जैसे ही सूतक काल लगता है घर की सभी सामग्रियों में तुलसी दल डाल दिया जाता है.

इसी प्रकार जो भी भक्त पूजन करता है वह एकांत में चुपचाप बैठ कर माला  जप कर भगवान का नाम स्मरण करता है जैसे ही ग्रहण काल समाप्त हो जाता है.

उसके बाद पूरे घर की साफ सफाई की जाती है और किसी भी  ब्राह्मण को या किसी नाई को दान दक्षिणा दी जाती है जिससे कि उस ग्रहण काल का असर आपके परिवार पर और आप पर ना पड़े

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