Hariyali Teej 2023: हरितालिका तीज के दिन इन 4 गलतियों से बचें, वरना व्रत का फल होगा बर्बाद!

Hariyali Teej ke niyam: हरियाली तीज का त्यौहार भगवान शिव और माता पार्वती के  मिलन के रूप में मनाया जाता है ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए बहुत कठिन तपस्या की थी और इस कठिन तपस्या के बाद ही भगवान शिव ने मां पार्वती को अपनाया था यदि आप हरियाली तीज का व्रत रखते हैं तो आपको इसके नियम जरूर ध्यान में रखना चाहिए.

यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो आपको इसका फल नहीं मिलता है आज हम आपको बताएंगे की हरियाली तीज के व्रत में किस तरीके के नियमों का पालन करना चाहिए.

Hariyali Teej Rules : हरियाली तीज का उपवास आने वाले 19 सितंबर को मनाया जाएगा इस व्रत की तैयारी महिलाएं 1 महीने पहले से ही शुरु कर देती हैं कहा जाता है कि इस व्रत का फल बहुत ज्यादा मिलता है यदि इसी नियम और विधि पूर्वक किया जाए तो कुंवारी कन्या अच्छा वर पाने के लिए इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करती है और विवाहित महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु की कामना के लिए इस व्रत का नियम लेती है.

व्रत में भगवान भोलेनाथ की पूजन की जाती है मां जगत जननी जगदंबा के साथ यदि आप भी हरियाली तीज का उपवास रखने वाले हैं तो आपको उससे पहले इन सभी नियमों को जान लेना चाहिए.

तभी आपने व्रत का पूर्ण रूप से फल प्राप्त कर सकेंगे तो आइए जानते हैं हरियाली तीज का व्रत रखने के लिए कौन से नियम ध्यान रखने होंगे 

जानिए हरियाली तीज के दिन रखें इन बातों का ध्यान 

  • हरियाली तीज का महत्व हर महिला के जीवन में बहुत अधिक होता है इसलिए मैं 1 महीने पहले से ही इसकी तैयारी में लग जाती है इस दिन सभी महिलाएं हरे रंग की साड़ी चूड़ियां  पहनती है और साथ ही सभी महिलाएं और कुंवारी लड़कियां मेहंदी लगाती है हरे रंग को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है और यह व्रत पति की लंबी उम्र के लिए ही होता है इसलिए महिलाएं दिन सोलह सिंगार करती हैं और खूब सजती सावर्ती है
  • हरियाली तीज के व्रत को 24 घंटे के लिए रखा जाता है और इसमें किसी भी प्रकार की फलाहार या भी प्रकार की मेवा मिष्ठान का सेवन नहीं किया जाता
  • हरियाली तीज के व्रत में पानी पीना ही वर्जित रहता है इस दिन सभी महिलाएं पूरे दिन प्यासी रहकर भगवान शिव की आराधना करती हैं.
  • हरियाली तीज की पूजन चार  पहर में पूरी होती है सबसे पहली पूजा रात 8:00 बजे की जाती है इस पूजन के बाद कई लोग पानी पी लेते हैं परंतु  कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं जो पानी भी नहीं पीती हैं दूसरी पूजा रात्रि 12:00 बजे की जाती है इसके बाद हरियाली तीज की तीसरी पूजा सुबह 4:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में की जाती है और आखिरी पूजा सुबह 6:00 बजे की जाती है इसके बाद भगवान शिव की शिवलिंग का विसर्जन किसी नदी या तालाब में कर दिया जाता है
  • इन चारों पहर की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है और जो भी महिलाएं  इस व्रत को करती हैं उन्हें चारों पूजा में शामिल होना जरूरी होता है यह पूजा पंडित के द्वारा पूरी विधि विधान के साथ करवाई जाती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस व्रत का कभी भी त्याग नहीं किया जाता है क्योंकि इस का उद्यापन करने के बाद भी महिलाएं इसे आजीवन रहती हैं यह व्रत मां पार्वती ने अपने पति भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए किया था इसलिए हर कुंवारी लड़की एक अच्छा बार प्राप्त करने की अभिलाषा से इस व्रत को धारण करती हैं.

 हरितालिका तीज व्रत इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान

  • जिस महिला ने हरियाली तीज का व्रत रखा है उसी दिन में सोना नहीं चाहिए और ना ही किसी भी प्रकार के फल या पानी का सेवन करना चाहिए.
  • किसी से भी इस दिन लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए और सब के साथ प्रेम पूर्वक पूरा दिन व्यतीत करना चाहिए.
  • हरियाली तीज के दिन पूजन में आपको काले यह सफेद रंग का कपड़ा नहीं पहनना है.
  • हरियाली तीज के दिन आपको फुलेरा की पूजन विशेष तौर पर करनी चाहिए.
  • जो भी  आपके घर भिक्षा लेने के लिए इस दिन आता है तो आप उसे भिक्षा जरूर दें किसी को भी खाली हाथ ना लौट आए.
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