नर्मदापुरम में भारी बारिश: नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीब , नर्मदापुरम-हरदा स्टेट हाइवे हुआ बंद  

  • बाढ़ में फसे 8 लोग और भेड़ों का रेस्क्यू किया

नर्मदापुरम। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव और ट्रफ लाइन के प्रभाव के कारण नर्मदापुरम में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश की हो रही है। शहर में करीब 5 इंच और पचमढ़ी में 10 इंच बारिश हो चुकी है। जिलेभर में जोरदार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए है। 

गंजाल नदी का पानी पुल से ऊपर बहनेे से नर्मदापुरम-हरदा खंडवा स्टेट हाइवे बंद रहा। शनिवार को 12 घंटे से हाइवे पर वाहनों के पहिए थमे हुए थे। तवा डैम में भी तेजी से पानी बढ़ता रहा जिस कारण डैम के सभी 13 गेट 20-20 फीट खोल सुबह 8 बजे तक करीब 4 लाख 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शनिवार सुबह 8 बजे गेटों की ऊंचाई 10 फीट कर दी गई थी । 

जिससे नर्मदा नदी उफान पर आ गई है।सेठानी घाट पर नर्मदा नदी का जलस्तर 14 घंटे में करीब 23 फीट पानी बढ़ गया। शनिवार सुबह 7 बजे 960 फीट पहुंच गया था जो कि दोपहर होते होते नर्मदा खतरे के निशान के करीब  बहने लगी। 

शाम तक लगातार नर्मदा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई। देर रात तक यदि बारिश जारी रहती है तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों को खाली कराने के लिए मुनादी कर दी है। बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस व स्थानीय प्रशासन पहले से अलर्ट हो गया था।

कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने शनिवार को स्कूलों का अवकाश घोषित किया। शुक्रवार को कलेक्टर सिंह एवं एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट, नगरपालिका अधिकारियों के साथ नर्मदापुरम नगर के सेठानी घाट एवं अन्य ग्वालटोली , संजय नगर आदि निचले इलाकों का निरीक्षण किया। 

एसपीएम स्थित राहत पुनर्वास केंद्र का देखा। नगर पालिका को निर्देश दिए कि चिन्हित राहत पुनर्वास केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं रहें। आवश्यकता पड़ने पर निचले इलाकों से लोगों को इन केंद्रों में शिफ्ट किया जाए। निचले इलाकों के रहवासियों को सतर्क करने के लिए मुनादी भी की जाए। 

होमगार्ड एवं एसडीआरएफ का बल भी मुस्तैद रहें। उन्होंने सेठानी घाट स्थित कंट्रोल रूम एवं कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम का प्रभावी क्रियान्वन करने के भी निर्देश दिए।

सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से घाट पर बेरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया था और लोगों को घाट पर जाने से रोका गया। आसपास के गांवों में बाढ़ के पानी में फसे लोगों व जानवरों का रेस्क्यू जिला प्रशासन पर होमगार्ड की टीम ने किया।

टापू पर फंसे व्यक्तियों का होमगार्ड एवं एसडीआरएफ के जवानों ने किया सफल रेस्क्यू

राहत एवं आपदा बचाव कार्य हेतु होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ की 06 क्यूआरटी टीम एवं 10 डीआरसी केन्द्रो की स्थापना की गई है। टीमो के द्वारा राहत बचाव कार्य एवं रेस्क्यू कार्य हेतु निचली बस्तियों में सतत निगरानी रखी जा रही है एवं जल भराव की स्थिति निर्मित होने पर प्रशासन द्वारा चिन्हित राहत शिविरों में भेजे जाने की तैयारी सतत रूप से की गई है।

sethani ghat

डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड राजेश जैन ने बताया कि  को तहसील शिवपुर के ग्राम बिसोनीकला में पोपवती नदी में बाढ की स्थिति निर्मित होने पर राजस्थान के विभिन्न ग्रामों से आए 8-10 व्यक्ति टापू पर फॅस गये थे, साथ में 300 से अधिक भेड़ें, बकरी आदि भी थे।

जिसकी सूचना पर तत्काल डीआरसी पॉपनगॉव में तैनात सैनिकों के द्वारा ग्राम बिसोनीकला पहुचकर टापू पर फॅसे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना पर जिला मुख्यालय से भी एसडीईआरएफ की 06 सदस्यीय टीम को मय आपदा उपकरणों के घटना स्थल पर रवाना किया गया। 

एसडीईआरएफ टीम द्वारा टापू पर फॅसे सभी भेड़, बकरी अनुमानित संख्या 300-350 को सुरक्षित स्थान पर पहुचाया गया। रेस्क्यू के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नही हुई। पूरे रेस्क्यू कार्य में प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित, एसडीआरएफ टीम से मेराम, रूपेंद्र सौर, अजय यादव, केशव यादव, शिवकुमार, अभिषेक राजपूत एवं होमगार्ड बल  चतुर्भुज और अखलीश ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कलेक्टर ने की जिले में वर्षा एवं  बाढ़ प्रभाव की समीक्षा

आगामी 24 घंटे में भारी वर्षा की चेतावनी के दृष्टिगत सभी अधिकारी कर्मचारी सतर्क रहें। निचले इलाकों का निरंतर निरीक्षण करते रहें। आवश्यकता पड़ने पर निचले इलाकों के रहवासियों को राहत केंद्रों में भी शिफ्ट किया जाए। 

Narmada river near danger mark, Narmadapuram-Harda State Highway closed

राहत केंद्रो पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं रहे इसका विशेष ध्यान रखें। यह निर्देश कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, सीएमओ एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। शनिवार को कलेक्टर ने कलेक्टरेट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले में वर्षा की स्थिति एवं प्रभाव की तहसीलवर समीक्षा की। 

उन्होंने बारिश के कारण हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की भी जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए कि अतिवर्षा से प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें आरबीसी 6(4) के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि पुल पुलियों की निरंतर निगरानी करें। 

पुल पुलियों के ऊपर से पानी बहने के दौरान आवागमन ना हो यह सुनिश्चित किया जाए। वहां चेतावनी सूचक बोर्ड भी लगाएं। उन्होंने एसडीएम नर्मदापुरम को लेंडीया नॉले स्थित पंप हाउस का व्यवस्थित संचालन किए जाने के निर्देश दिए। 

बैठक में जिला पंचायत सीईओ एसएस रावत, संयुक्त कलेक्टर फरहीन खान, सिटी मजिस्ट्रेट संपदा सराफ डिप्टी कलेक्टर प्रमोद सिंह गुर्जर उपस्थित रहे। सभी एसडीएम ,तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।

जिले में अब तक औसत 1089.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज

जिले में अब तक औसत 1089.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। गत वर्ष इसी अवधि में औसत 1654.2 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। नर्मदापुरम में 177.6 मिलीमीटर, सिवनीमालवा में 189.0, इटारसी में 90.2, माखननगर में 102.0, सोहागपुर में 99.6, पिपरिया में 115.6, बनखेड़ी में 89.4, पचमढ़ी में 241.2, एवं तहसील डोलरिया में 80.5 मिलीमीटर वर्षा हुई है। अधीक्षक भू-अभिलेख नर्मदापुरम ने बताया है कि 1 जून से 16 सितम्‍बर 2023 को प्रात: 8.30 बजे तक तहसील नर्मदापुरम में 1250.3 मिलीमीटर, सिवनीमालवा में 808.0, इटारसी में 845.8, माखननगर में 907.0, सोहागपुर में 1060.4, पिपरिया में 1370.8, बनखेड़ी में 1152.0, पचमढ़ी में 1720.2 एवं डोलरिया तहसील में 689.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में तहसील नर्मदापुरम में 1599.2 मिलीमीटर, सिवनीमालवा में 1615.0, इटारसी में 1668.2, माखननगर में 1461.0, सोहागपुर में 1662.8, पिपरिया में 1727.6, बनखेड़ी में 1320.9, पचमढ़ी में 2299.3 एवं तहसील डोलरिया में 1533.8 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। जिले की सामान्य औसत वर्षा 1370.5 मिलीमीटर है। सेठानी घाट पर नर्मदा जी का अलार्म स्‍तर 964.00 फीट है एवं खतरे का जलस्तर 967.00 फीट है। वर्तमान में सेठानी घाट पर नर्मदा जी का जलस्तर 961.80 फीट है। इसी प्रकार तवा जलाशय का वर्तमान जलस्तर 1165.20 फीट, बरगी जलाशय का 422.95 मीटर एवं बारना जलाशय का जलस्तर 347.59 मीटर है

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