Shardiya Navratri : नवरात्रि पर्व के बारे में ये बातें और फायदे जानेंगे तो दंग रह जाएंगे

Shardiya Navratri Mahagauri Puja: नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की पूजन की जाती है और यह देवी का आठवां रूप होता है आदि शक्ति को ही महागौरी कहा जाता है।

Join Telegram Group Now
Join Facebook Group Now
JOIN Whatsapp Group Now

इनके तेज से ही पूरा विश्व प्रकाशित है यदि हम दुर्गा सप्तशती के आधार पर मां के स्वरूप का बखान करें जब देवताओं को तुम बने सम्मान पराजित कर दिया था।

तो अपनी रक्षा के लिए उन्होंने गंगा नदी के किनारे महागौरी से प्रार्थना की थी और इस स्वरूप का पूजन किया थामहागौरी के स्वरूप को ऐश्वर्या प्रदायिनी और अन्नपूर्णा भी कहा जाता है।

पूजन 8 बे दिन इसलिए होती है 

मां पार्वती जी ने 8 वर्ष की उम्र में ही भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए तपस्या शुरू कर दी थी और 8 वर्ष की उम्र में कठिन तपस्या करने के कारण उनका पूरा शरीर काला पड़ गया था। 

जिसके कारण प्रसन्न होकर भगवान शिव ने मां के शरीर पर गंगाजल डाला थागंगाजल डालते ही माता अत्यंत कांतिमान और गौर वर्ण की हो गईजिसके कारण उनका नाम महागौरी रखा गया।

Read Also – चेहरे को चांद जैसा बनाने का रहस्य, ये 3 चमत्कारी चीजें आपके पास

इस मंत्र से करें पूजा महागौरी की

यदि माता की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो पूजन करते समय आप इस मंत्र का उच्चारण करें।

  • वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।

सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥

  • श्वेत वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बर धरा शुचि:।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

Read Also – चौंकाने वाला सफेद सब्जी! दांतों का पीलापन गायब, मोतियों जैसी चमक लौटेगी, जानिए कैसे

कन्याभोज विशेष महत्व का है (navratri me kanya bhojan mahatva)

नवरात्रि में वैसे तो छोटी-छोटी कन्याओं को ही भोजन करने की मान्यता है परंतु आप अपने सुहाग की रक्षा करने के लिए इस दिन सुहागन महिलाओं को खाना खिलाकर चुनरी और सुहाग का सामान बैठ कर सकती है आपको मां गौरी की पूजन विधि विधान से करना चाहिए।

Join Telegram Group Now
Join Facebook Group Now
JOIN Whatsapp Group Now

कन्या पूजन करने के बाद उन्हें उपहार स्वरूप में दक्षिणया कोई खिलौना देना चाहिए इसके बाद आप दोनों हाथ जोड़करइस मंत्र का उच्चारण करें आपको विशेष फल मिलेगा।

Read Also – जीवन को दे नया मोड़, 5 चीजों से रोकेंगे कम उम्र में मौत! आज ही शुरू करें डाइट में बदलाव

  • सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यामाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

देवी के इस रूप की प्रार्थना करते हुए देव और ऋषिगण कहते हैं,

सर्वमंगल मंग्ल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते।

Scroll to Top