Adani-Hindenburg Case: अडानी ग्रुप के खिलाफ SEBI का बड़ा खुलासा! सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया यह अद्भुत दावा

Sebi Report:  अदानी ग्रुप पर जो जांच चल रही है उसके आधार पर सीबी ने इस बात की पुष्टि की है कि जो मामले बचे हुए हैं उनमें से चार की जांच पूरी कर ली गई है.

सभी को मिलाकर साथ मामले थे इनमें से 4 की जांच के आधार पर रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन की प्रक्रिया में है और दो अन्य मामलों में भी सेबी की जांच लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और बहुत जल्द यह जांच भी पूरी हो जाएगी.

Adani-Hindenburg SEBI : एडिनबर्ग की तरफ से जो अदानी ग्रुप पर आरोप लगाए गए हैं उनकी जांच पूरी करने के लिए सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से 15 दिन का समय और मांगा है  सेबी ने सुप्रीम कोर्ट की अदालत से अपील की है कि उनके द्वारा की जाने वाली जांच का मामला प्रगति पर है और उसे थोड़ा समय चाहिए इसलिए उन्होंने 15 दिन का समय और मांगा है और उन्होंने इस बात की पुष्टि भी की है फाइल में कि उनके द्वारा जांच में काफी प्रगति हुई है

SEBI 17 मामलों की जांच पूरी कर चुकी है.

बाजार नियामक सेबी की ओर से कहा गया है कि उसने इस मामले को लेकर विदेशी न्याय क्षेत्रों में स्थित संस्थाओं एजेंसियों  से भी जानकारी प्राप्त की है यदि इस आधार पर किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है तो उसे अंतरिम रिपोर्ट के साथ मूल्यांकन किया जाएगा.

अदानी ग्रुप मामले से जुड़े जिन 24 मामलों की लेनदेन की जांच की जा रही थी उनमें से 17 मामले से भी ने पूरी तरीके से जांच कर लिए हैं और सेबी ने कहा है कि वह जांच की अंतिम पड़ाव पर है और बहुत जल्दी वह इस जांच को पूरा कर लेगी.

SEBI की अंतिम चरण में जांच

SEBI ने बताया है कि जो सात मामले बचे हैं उनमें से 4 की भी जांच पूरी तरीके से हो गई है और तैयार रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन की प्रक्रिया में है और इसमें से भी दो मामले अंतिम चरण पर है.

जबकि दूसरे अन्य मामलों में अंतरिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है आपको बता दें कि 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया को जांच करने के लिए 3 महीने का समय  दिया था

SEBI को 2 मार्च को सौंपी थी जांच

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सौंपी गई जांच को 14 अगस्त के दिन सेबी को जमा करना था एडिनबर्ग की रिपोर्ट सामने  आने के बाद मार्च मैं 2 मार्च के दिन सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को आदेश दिया था कि एडिनबर्ग रिपोर्ट में अदानी ग्रुप के द्वारा यदि किसी भी प्रकार की प्रतिभूति कानून का उल्लंघन किया गया हो.

तो उसकी जांच करें उस समय अदानी ग्रुप के मार्केट कैप को 140 बिलियन अमेरिकन डॉलर से भी ज्यादा नुकसान हुआ था इस कारण इस पर पूरी जांच का जिम्मा से भी को सौंपा गया था.

SEBI समिति में कौन-कौन शामिल है 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस एक्सपर्ट समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति अभय मनोहर सपरे और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के साथ-साथ इसमें और भी 5 लोग शामिल है.

रिटायर्ड न्यायाधीश न्यायमूर्ति  जेपी देवधर ओपी भट्ट, केवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरसन कितने लोग शामिल किए गए हैं और यह सभी जांच को पूरी करेंगे.

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