नर्मदापुरम: धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ग्वाल समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा, जनप्रतिनिधि हुए सम्मिलित

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन मनाई गई। ग्वाल समाज ने बुधवार को जन्माष्टमी मनाई तो वहीं यादव यदुवंशी समाज ने गुरुवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। शहर में अधिकांश लोगों ने गुरुवार को ही श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को ग्वाल समाज एवं यदुवंशी समाज ने भव्य शोभायात्रा बड़ी धूमधाम से निकाली। 

ग्वाल समाज की शोभायात्रा ग्वालटोली काली मंदिर से प्रारंभ हुई जो की पूरे ग्वालटोली क्षेत्र में निकली। इस दौरान बैंड बाजे तथा डीजे की धुन पर ग्वाल समाज के युवा तथा बच्चे जमकर थिरकते नजर आये। 

शोभायात्रा में ग्वाल समाज से जुड़ा एक एक सदस्य इसमें शामिल था साथ ही जनप्रतिनिधि सहित शहर के समाजसेवी भी शोभायात्रा में सम्मिलित रहे। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की शोभायात्रा निकलने की यह परम्परा कई वर्षों से चली आ रही है। 

इस दौरान ग्वाल समाज के युवाओं ने अखाड़े पर अपने करतब भी दिखाएं। कई जगह मटकिया भी फोड़ी गई। इस शोभायात्रा में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा , नपाध्यक्ष नीतू यादव , पूर्व नपाध्यक्ष व भाजपा झुझोप्र संयोजक अखिलेश खंडेलवाल सहित अन्य लोग शामिल हुए।

कान्हा के जन्मोत्सव पर मंदिर और घरों में मनी खुशियां

नर्मदा नगरी में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भक्तिभाव व धूमधाम से मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के मंदिरों में सुबह से ही भजन कीर्तन के साथ झांकी सजाने का क्रम जारी रहा। कई श्रद्धालुओं के द्वारा अपने घरों में भी भगवान के लिए पालना सजाया गया।

Shri Krishna Janmashtami celebrated with pomp, Gwal Samaj took out a grand procession, public representatives participated

इस मौके पर नर्मदा तट के मंदिरों के पास पूरे दिन मेला लगा रहा। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार की सामग्रियों की खूब बिक्री हुई। घाट पर भगवान के श्रृंगार की ही कम से कम तीन दर्जन दुकानें लगी हुई थी। इसके अलावा अन्य दुकानों को भी मेला की तरह सजाया गया। 

घाटों की ओर पूरे दिन लोग आकर्षित होते रहे। रात के एक बजे तक चहल पहल बनी रही। मध्य रात्रि में कान्हा के जन्म के समय मंदिरों में महाआरती के आयोजन हुए। उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। 

जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के सभी मंदिरों सहित घर-घर परंपरागत रूप से भगवान गिरधारी को धनिया की पंजीरी और फलों का भोग लगाया गया। वहीं दही और माखन-मिश्री का प्रसाद वितरण किया गया।

सभी मंदिरों में मनी जन्माष्टमी

जन्माष्टमी का पर्व शहर के सभी मंदिरों में मनाया गया जिनमें गोपाल मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, जगदीश मंदिर, रणछोर मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, बद्री विशाल मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, रामजानकी मंदिर, दाऊजी मंदिर, आशुतोष मंदिर, माता महाकाली मंदिर,नर्मदा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी के कार्यक्रम देर रात तक होते रहे।

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