Sawan 2023: सावन में शनि की ऐसी पूजा जो बना देती है करोड़पति, आपके घर में आएगा धन का बारिश!

Sawan ke Upay: हिंदू धर्म में श्रावण के महीने की विशेष महिमा बताई गई है कहते हैं यदि कोई अपनी मनवांछित इच्छा पूरी करना चाहता है तो वह श्रावण के महीने मैं भगवान शिव की पूजन करें क्योंकि इस महीने में भगवान शिव अपने भक्तों पर बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं फिर वह भले ही राक्षस क्यों ना हो।

सावन के उपाय: सावन का महीना चल रहा है और पूरा होने में इसी कुछ दिन ही बचे हैं आप सभी इस बात से भली-भांति परिचित है कि यह महीना भगवान शिव के नाम से ही जाना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में जो भी भोलेनाथ की साधना और पूजन करता है उस पर भगवान प्रसन्न होकर वरदान देते हैं।

30 अगस्त को सावन के महीने का अंतिम दिन है और इस दिन रक्षाबंधन और पूर्णिमा कभी भी मनाया जाएगा और इस पर्व के साथी इस माह का समापन हो जाएगा। जो भी व्यक्ति कई दिनों से बहुत परेशान हैं और उनके परिवार की मुश्किलें हल ही नहीं हो पा रही है तो वह सावन के महीने में भगवान शंकर की पूजन कर भगवान  शनिदेव को भी खुश कर सकते हैं।

क्योंकि भगवान भोलेनाथ शनिदेव के गुरु हैं और जो भी भक्त शनि देव के गुरु की पूजन करता है भगवान शनिदेव बहुत जल्दी उस पर प्रसन्न हो जाते हैं।

सभी धर्म ग्रंथों में सावन के महीने की विशेष महिमा बताई गई है शिव जी अपने भक्तों पर इस महीने में बहुत जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं कई परिवारों में ऐसे लोग होते हैं जो अपनी बेटी की शादी को लेकर काफी चिंता में रहते हैं।

ऐसी माता पिता को अपनी पुत्री को भगवान शिव और पार्वती की पूजन करने के लिए कहना चाहिए कहा जाता है कि जिन लोगों की शादी नहीं हो रही है यदि वह सावन के महीने में भगवान शिव की पूजन  करती है तो उन्हें वर रूप में इच्छित फल मिल जाता है।

भगवान शिव और माता पार्वती को दांपत्य जीवन का आदर्श माना जाता है कहा जाता है कि मां पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर व्रत और तप किया था धार्मिक मान्यता के आधार पर जिस लड़का या लड़की का व्यवहार नहीं होता है वह सावन के महीने में मां पार्वती और भगवान भोलेनाथ की पूजन या व्रत करते हैं उनकी शादी शीघ्र हो जाती है।

कई लोगों को उनकी कुंडली में स्वास्थ्य कमजोर भाव बताया जाता है जिनके कारण वह गंभीर बीमारियों से ग्रसित रहते हैं।यदि ऐसे व्यक्ति सावन के महीने में भगवान शिव पर एक लोटा जल चढ़ाकर महामृत्युंजय मंत्र का जप कर एक माला करते हैं तो भगवान शिव ने निश्चित रूप से आयु रक्षा का वरदान देते हैं।

सावन मास में शनि देव की पूजा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और फलदाई मानी जाती है जो भी व्यक्ति सावन के महीने में शनि देव की पूजन करता है भगवान शनिदेव उस पर बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और उसकी मनवांछित कामना को पूरा करते हैं।

सावन की शनिवार को संपत शनिवार कहा जाता है और जो भी शावर के संपत शनिवार के दिन भगवान शनि देव की पूजन करते हैं उनके घर में धन-संपत्ति की कभी कमी नहीं होती है।

कई लोगों की कुंडली में राहु केतु दोष गुरु चांडाल दोष ग्रहण दोष होता है ऐसे व्यक्ति यदि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजन करते हैं तो इस प्रकार के दोषों से उन्हें मुक्ति मिल जाती है और वह जिस कामना को लेकर भगवान की पूजन कर रहे हैं भगवान से सावन के महीने में ही उनकी कामना पूरी कर देते हैं।

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